आदिवासी बाल विकास उच्च विद्यालय
आदिवासी बाल विकास उच्च विद्यालय
स्थापित एवं संचालित अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद् शाखा-रातु, पिन-835222, रांची (झारखंड)
सचिव का संदेश

आदिवासी बाल विकास उच्च विद्यालय, राँची (झारखंड) केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि एक ऐसा सशक्त मंच है जहाँ शिक्षा और खेल—दोनों के माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाता है। हमारा विश्वास है कि कक्षा में प्राप्त ज्ञान जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही आवश्यक खेल मैदान में विकसित होने वाला अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना भी है।

विद्यालय की स्थापना का मूल उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर आदिवासी समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ जीवनोपयोगी कौशल प्रदान करना है। आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल पुस्तक आधारित ज्ञान पर्याप्त नहीं है, इसलिए हम शिक्षा के साथ खेलकूद को भी समान महत्व देते हैं। हमारे यहाँ विद्यार्थियों को फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स, तीरंदाजी जैसे खेलों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाता है, जिससे उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास संतुलित रूप से हो सके।

मुझे यह बताते हुए गर्व होता है कि हमारे विद्यालय से शिक्षा और खेल—दोनों क्षेत्रों में हजारों छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है और विभिन्न स्तरों पर उत्कृष्ट उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं। खेलों के माध्यम से बच्चों में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का साहस विकसित होता है, जो उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सफल बनाता है।

हमारे अनुभवी शिक्षक विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों के साथ मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, वहीं खेल प्रशिक्षक उन्हें अनुशासन, परिश्रम और निरंतर अभ्यास का महत्व सिखाते हैं। विद्यालय में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएँ—जैसे स्मार्ट कक्षाएँ, खेल मैदान, पुस्तकालय एवं सुरक्षित वातावरण—विद्यार्थियों को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल प्रदान करती हैं।

अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद् के मार्गदर्शन में यह संस्थान निरंतर इस दिशा में कार्यरत है कि शिक्षा और खेल के समन्वय से एक सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक पीढ़ी का निर्माण किया जा सके। हमारा लक्ष्य केवल परीक्षा में सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और निभाएँ।

अंततः, मैं सभी अभिभावकों और विद्यार्थियों से आग्रह करता हूँ कि वे शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, क्योंकि यही संतुलन उन्हें जीवन में वास्तविक सफलता की ओर अग्रसर करेगा।

आदिवासी बाल विकास उच्च विद्यालय — शिक्षा और खेल के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य की ओर एक सशक्त कदम।

         सचिव 

 डॉ लक्ष्मण उरांव